फर्श पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर हो रहे छात्र
स्कूल की अव्यवस्था आलम यह है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत 13 शिक्षक हैं। लेकिन न तो यहां पुस्तकालय है और न ही पुस्तकें। कम्प्यूटर कक्ष तो है लेकिन बिजली के अभाव में बंद पड़ा है। विद्यालय का नव निर्मित भवन का उपयोग से पहले ही खिड़की व दरवाजा तोड़कर शराराती तत्वों द्वारा ले जाया गया। प्राचीन व जर्जर भवन में विद्यालय का संचालन हो रहा है । जो कभी भी बड़ी घटना का कारण बन सकता है । परीक्षा में पदस्थापित लगभग सभी शिक्षक जिसमें बिरेन्द्र कुमार यादव, सुधीर कुमार, मो. इश्तियाक आलम, अभिषेक कुमार, मुख्यालय स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय कुर्साकांटा में उपस्कर के अभाव में सैकड़ों छात्र छात्राओं को फर्स पर बैठकर परीक्षा देना एक मजबूरी बनी है । प्रथम सावधि परीक्षा देने पहुंचे छात्र बेंच डेस्क के अभाव में जमीन में बैठकर तो बगल के अर्धनिर्मित भवन में तो कुछ विद्यालय के निकट स्थित शिव मंदिर परिसर में परीक्षा दे रहे है। शिक्षकों से मिली जानकारी अनुसार विद्यालय में नवम व दशम में नामांकित दो हजार छात्रों के बीच विद्यालय के पास बैठने के नाम पर केवल दो सौ बेंच डेस्क की व्यवस्था है । ऐसे में छात्रों को जमीन पर बैठकर व यत्र तत्र बैठकर ही परीक्षा या फिर पठन पाठन हो पाता है । गौरतलब है कि ऐसे में विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा कैसे उपलब्ध हो सहज अंदाजा लगाया जा सकता है ।
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