बारिश से किसानों को मिली राहत

Image result for rainअररिया। विगत दो तीन दिनों हुई बारिश से जहां किसानों को राहत मिली है। वहीं सड़कों पर जलजमाव की समस्या से लोग परेशान भी है।
गौरतलब है कि सीमावर्ती इस क्षेत्र की मुख्य फसल धान है। विगत एक महीने से धान की रोपनी हो रही है। इस वर्ष वर्षा के अभाव के कारण किसान पम्पसेट के सहारे ही किसी तरह धान की रोपनी कर रहे थे। लेकिन बलुवाही मिट्टी होने के कारण जमीन सुख जाता और उसमें दरारें फटने लगती। पुन: उस खेत में पम्पसेट से पानी देना पड़ रहा था। जिसमें किसानों को काफी लागत पूंजी खर्च करने पड़ते थे। दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से जहां किसानों में खुशी छाई है वहीं खेतों में भी हरियाली आने लगी है। बीरेंद्र झा, गयानन्द मण्डल, परमानन्द मण्डल, झमेली ठाकुर, अरुण शर्मा आदि अनेकों किसानों ने बताया कि इस वर्ष धान के बिचड़े गिराने से लेकर रोपनी करने तक पम्पसेट का ही सहारा लेना पड़ा है। डीजल के कीमत में बढोत्तरी होने से पम्पसेट से खेती करने में एक सौ रुपये प्रति घटे लगते हैं। एक एकड़ में सिचाई करने में 20 से 25 घण्टे लगते हैं। बिजली उपलब्ध रहने के बाद भी बिजली से सिचाई का साधन नही है। इसलिए खेती में लागत पूंजी बहुत अधिक खर्च करने पड़ते हैं। दूसरी ओर गांवों और बाजारों में सड़कों का निर्माण तो हो रहा है परन्तु जलनिकासी का कोई साधन नही रहने से सड़कों पर जलजमाव की समस्या बन गयी है।


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